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शासकीय प्राथमिक शाला सकरेली ब मे मधुमक्खी दंश एवं कुत्ते के काटने पर बचाव जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोज हुआPrevention awareness program on bee sting and dog bite was organized in Government Primary School, Sakreli B.

 शासकीय प्राथमिक शाला सकरेली ब मे मधुमक्खी दंश एवं कुत्ते के काटने पर बचाव जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोज हुआ




 सक्ती -छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक शनिवार को यूनिसेफ के सहायता विद्याथियों को जागरूक करने जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।इसी कड़ी मे आज जनवरी माह के अंतिम शनिवार को शासकीय प्राथमिक शाला सकरेली ब में बस्ताविहीन दिवस के अवसर पर मधुमक्खी दंश एवं कुत्ते के काटने पर बचाव जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन प्रधान पाठक सरिता यादव के कुशल मार्गदर्शन मे किया गया।संस्था के शिक्षक पुष्पेन्द्र कुमार कश्यप द्वारा यूनिसेफ के मदद से बनाये गये वीडियो जिसमे सुकन्या द्वारा अपने पिता से मोहन को मधुमक्खी दंश एवं विकास को कुत्ते के काटने पर बातचीत कर घरेलू उपचार कैसे से सम्बंधित वीडियो बच्चों को दिखाया गया। तत्पश्चात संस्था के  राज्यपाल शिक्षक सम्मान से पुरस्कृत शिक्षक पुष्पेन्द्र कुमार कश्यप द्वारा दिखाये गये वीडियो के आधार पर बच्चों से चर्चा परिचर्चा करते हुए “मधुमक्खी दंश” से बचाव के प्राथमिक उपचार के सम्बंध बताया गया कि मधुमक्खी ने किसी को काटा हो तो और उसका डंक शरीर मे ही रह गया हो तो सबसे पहले डंक को निकाले, उस जगह पर बर्फ लगाए ठंड के वजह से विषाक्त पदार्थ फैलता नही है, दर्द भी कम करता है, हम उस जगह पर बेकिंग सोडा,सिरका बेटा डीन भी लगा सकते है जो जहर के असर को कम करने में मददगार होता है साथ ही दर्द ,सूजन,खुजली मे राहत पहुँचाता है। 

किसी को गम्भीर एलर्जी हो जाये तो तुरंत डॉक्टर को  दिखाना चाहिए फिर कुत्ते या बिल्ली के काटने पर प्राथमिक उपचार के सम्बंध में बच्चों को विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया कि कुत्ते या बिल्ली के काटने पर 15 मिनट तक लगातार साबुन पानी से धोए, घाव धोने के बाद एंटीसेप्टिक क्रीम,लोशन,स्प्रिट,बेटाडीन आदि लगाए।घाव पर पिसी मिर्च, मिट्टी का तेल,चुना,नीम की पत्ती एसिड आदि न लगाये।घाव को खुला छोड़ दे।खून ज्यादा निकलने की दशा मे केवल पट्टी बांधे,घाव पर टाके न लगवाये 10 दिन तक देखे।24 घण्टे भीतर डॉक्टर की दिखाए और इंजेक्शन जरूर लगवा ले।रैबीज का संक्रमण व्यक्ति के शरीर मे कुत्ता के लार ग्रंथियों के जरिए प्रवेश कर जाता है।संक्रमण फैलने पर व्यक्ति आक्रामक के साथ साथ हिंसात्मक भी हो सकता है। इसलिए जल्दी से डॉक्टर को अवश्य दिखाये, प्रभावित व्यक्ति तेजरोशनी और पानी से दूर भागता है, बिजली की तेजचमक, तेज हवा को भी सह नही पाता।प्रभावित के मुंह से हांपने की आवाज के साथ लार भी टपकने लगता है। इस अवसर पर शाला के प्रधान पाठक सरिता यादव शुमन कोसले नंदकिशोर नौरंगे पुष्पेंद्र कुमार कश्यप व आज उपस्थित सभी बच्चों का सक्रिय सहभागिता रहा।




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