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32 वर्षों की शिक्षा साधना को मिला सम्मान: परचनपाल के शिक्षक डॉ. समीर मिश्रा बने 'डॉक्टर ऑफ एजुकेशन'

 32 वर्षों की शिक्षा साधना को मिला सम्मान: परचनपाल के शिक्षक डॉ. समीर मिश्रा बने 'डॉक्टर ऑफ एजुकेशन'



बस्तर, 19 जुलाई 2026। शासकीय कन्या शिक्षा परिसर परचनपाल में पदस्थ शिक्षक डॉ. समीर मिश्रा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, नवाचार एवं दीर्घकालीन शैक्षणिक सेवाओं के लिए "डॉक्टर ऑफ एजुकेशन" (Doctor of Education) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित ग्रीन लाउंज होटल में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

वर्ष 1993 में सरस्वती शिशु मंदिर से अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत करने वाले डॉ. समीर मिश्रा पिछले 32 वर्षों से शिक्षा जगत में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके मार्गदर्शन में शिक्षित अनेक विद्यार्थी आज विभिन्न शासकीय एवं प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

डॉ. मिश्रा की पहचान केवल एक समर्पित शिक्षक के रूप में ही नहीं, बल्कि आजीवन सीखने वाले शिक्षाविद् के रूप में भी है। उन्होंने बी.कॉम., बी.एड., दो बार बी.पी.एड., बी.जे.एम.सी. (बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन), मानवाधिकार में डिप्लोमा तथा एम.ए. की उपाधियाँ समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, संस्कृत, भूगोल, राजनीति विज्ञान, इतिहास एवं ग्रामीण विकास जैसे अनेक विषयों में प्राप्त की हैं।

वर्तमान में वे शासकीय कन्या शिक्षा परिसर परचनपाल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहाँ उनके नवाचार, अनुशासित शिक्षण और छात्राओं के प्रति समर्पण की व्यापक सराहना होती रही है। इस सम्मान के बाद वे अब डॉ. समीर मिश्रा के नाम से जाने जाएंगे।

उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, सहकर्मियों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्र के शिक्षाविदों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।

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