शासकीय हाई स्कूल मुलमुला में नवाचारी व्याख्याता श्रीमती ज्योति सक्सेना ने साल के अंतिम दिवस शनिवार को विद्यालय के विद्यार्थियों को मेडिटेशन करके कैसे अपने आपको विकट परिस्थितियों में सरल,सहज ,ऊर्जावान रख सकते हैं बोर्ड एग्जाम को भय की दृष्टि से न देखते हुए परीक्षा में समय प्रबंधन तथा रटने की अपेक्षा समझ कर प्रश्नपत्र को हल करना बताया साथ ही बालिकाओं को उनकी रुचि एवं क्षमता के आधार को ध्यान रखते हुए पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास आत्मनिर्भर बनाने के लिए केशसज्जा का प्रशिक्षण दिया गया केशसज्जा में छात्राओं का हुनर सामने आया ताकि जिन बच्चियों की रुचि पढ़ाई में कम है वो आगे जाकर ब्यूटीपार्लर भी खोल सकती है अपनी आजीविका चला सकती है आत्मनिर्भर बन पाए समय समय पर बालिकाओं की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए नवाचारी व्याख्याता श्रीमती ज्योति सक्सेना लगी रहती है एवं संसाधन भी निःशुल्क प्रदान करती हैं विद्यार्थियों की रुचि के आधार पर केशसज्जा, थाली सजाओ,सलाद डेकोरेशन ,कढ़ाई,रुमाल बनाना सिखाया जा रहा है ,साड़ी में फाल एवं पिको करना शैल शर्मा ने सिखाया पढ़ाई के साथ ही शनिवार एवं अंतिम पीरियड में ये सब कौशल विकास एवं रचनात्मक लेखन कार्य को श्रीमती ज्योति सक्सेना विशेष रूप से कराती हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाएं भी अन्य छात्राओं से कम न रहे विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य विमलेश पांडेय,व्याख्याता दिनेश कुमार बंजारे,शैल शर्मा एवं समस्त स्टाफ का सहयोग रहा केशसज्जा एवं पिको करना हाथ से सभी बालिकाओं को अच्छा लगा श्रीमती ज्योति सक्सेना की और से फ्री कोचिंग सेवा जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन भी संचालित है ।





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