हमारे नायक
स्टोरी वीवर में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षक
नाम- सहनू प्रसाद निषाद
पद- शिक्षक (L.B)
शाला- पूर्व माध्यमिक शाला साराडीह, संकुल- सकराली
ब्लॉक-डभरा, जिला- जांजगीर चाम्पा
मोबाइल नंबर- 8085598960
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को कोरोना काल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल तरीके से शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से नित नए नवाचार किये जा रहे हैं | इसी कड़ी में वर्तमान में स्टोरी वीवर पर कार्य किया जा रहा है | स्टोरी वीवर में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों को हमारे नायक में जगह देकर इस योजना को प्रोत्साहित किया जा रहा है |
आज के हमारे नायक जांजगीर चाम्पा जिले के डभरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पूर्व माध्यमिक शाला साराडीह, संकुल- सकराली के शिक्षक श्री सहनू प्रसाद निषाद जी हैं | निषाद जी एक नवाचारी शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं | जब निषाद जी को स्टोरी वीवर के कांसेप्ट के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका गहन अध्ययन किया और इस कांसेप्ट पर कार्य करना शुरू किया | निषाद जी की मेहनत और लगन का परिणाम है कि वो अब तक 12 कहानी का अलग अलग भाषाओं में अनुवाद कर चुके हैं और 6 कहानियों पर कार्य कर रहे हैं |
स्टोरीवीवर की अवधारणा
स्टोरीवीवर में कार्य करने हेतु शिक्षकों को storyweaver.org.in में उपलब्ध कहानियों को अनुवाद अपनी सुविधा अनुसार बच्चों की स्थानीय भाषाओं में करना होता है | श्री सहनू प्रसाद निषाद जी द्वारा अब तक अनुवादित हिंदी, छत्तीसगढ़ी एवं अंग्रेजी भाषा में कहानी निम्नानुसार हैं - (1) मेहनत के मंत्रा (2) साबुन की आत्म कथा (3) अच्छा विद्यालय (4) क्या मेरे जैसा कोई है? (5) मददगार मितान(6) इसकूल के पहेली दिन (7) चंदा आउ सुरूज (8) लमहा आउ बघवा (9) मेरा शरीर (10) भइया आउ मय (11) ऐमन के बस्ता(12) Mouse and Cat | निषाद जी इन सभी कहानियों को हिंदी, इंग्लिश और छत्तीसगढ़ी में अनुवाद कर चुके हैं |
विकास खण्ड डभरा के नवाचारी शिक्षक सहनू प्रसाद निषाद शा. पू. मा. शा. साराडीह संकुल- सकराली के द्वारा नवचारी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने का कार्य अनवरत जारी रखे हुए हैं | जिनके द्वारा अब तक 89 आनलाईन क्लास ली जा चूकी है, जिसमें 1609 बच्चे लाभान्वित हुए हैं, साथ ही इन्होंने बूलटू के बोल के 139 आडियो पालकों को साझा किये हैं |
यही नहीं बल्कि मोहल्ला स्कूल एवं कान्फ्रेन्स काॅल के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने का प्रयास किया है | साथ ही बच्चों के आकलन हेतु गूगल फार्म के माध्यम से आनलाईन मूल्यांकन किया जाता रहा है | इसी कड़ी में बच्चों को शिक्षा के साथ साथ विभिन्न अवसरों पर अपनी संस्कृति और परम्परा से जोड़े रखने हेतु आनलाईन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता रहा है | इसी के अंतर्गत 14 नवम्बर को दीपावली एवं बाल दिवस के अवसर पर पढ़ई तुहर दुआर के अंतर्गत राज्य स्तरीय आनलाईन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 2020 का आयोजन किया गया | जिसमें न केवल जांजगीर जिला बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों जैसे- कोरबा, रायगढ़, बेमेतरा, राजनांदगाँव सूरजपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर से लगभग 200 से बच्चे एवं शिक्षक शामिल हुए |
इस प्रतियोगिता में 60% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को हस्ताक्षर युक्त ई- प्रमाणपत्र भी जारी किया गया | इस प्रतियोगिता के आयोजन में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री बी. एस.बन्जारे, सहा.विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री आर.के.जोशी, ब्लाक मिडिया प्रभारी श्री डी.पी.कुर्रे एवं श्री एच.चन्द्रा, संकुल समन्वयक श्री जे.आर.रात्रे के मार्गदर्शन तथा मा. शा. साराडीह के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ | साथ ही संविधान दिवस के अवसर पर भी ऑनलाइन क्विज का आयोजन किया गया | इसी प्रकार हम देखते हैं कि सहनू प्रसाद निषाद जी नित नूतन नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से इस कोरोना काल में भी बच्चों में शिक्षा का ज्योत निरंतर जलाते आ रहे हैं |
आइए चित्र के माध्यम से निषाद जी के बारे में और कुछ जानते हैं
पढ़ाई तुहर पारा में योगदान






































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